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10 जून 2011

आग जलती रहे, जलती रहे,



एक तीखी आँच ने
इस जन्म का हर पल छुआ,
आता हुआ दिन छुआ
हाथों से गुज़रता कल छुआ
हर बीज, अँकुआ, पेड़-पौधा,
फूल-पत्ती, फल छुआ
जो मुझे छूने चली
हर उस हवा का आँचल छुआ !
...प्रहर कोई भी नहीं बीता अछूता
आग के सम्पर्क से
दिवस, मासों और वर्षों के कड़ाहों में
मैं उबलता रहा पानी-सा
परे हर तर्क से।
एक चौथाई उमर
यों खौलते बीती बिना अवकाश
सुख कहाँ
यों भाप बन-बनकर चुका,
रीता,
भटकता-
छानता आकाश !
आह ! कैसा कठिन
...कैसा पोच मेरा भाग !
आग, चारों ओर मेरे
आग केवल भाग !

सुख नहीं यों खौलने में सुख नहीं कोई,
पर अभी जागी नहीं वह चेतना सोयी-;
वह, समय की प्रतीक्षा में है, जगेगी आप
ज्यों कि लहराती हुई ढकनें उठाती भाप !


अभी तो यह आग जलती रहे, जलती रहे,
ज़िन्दगी यों ही कड़ाहों में उबलती रहे। 


Friends till the end of life~~MAKBUL FIDA HUSSAIN

 


कला के कैनवास पर जीवन के बेशुमार रंग बिखेरने वाले अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चित्रकार मकबूल फिदा हुसैन अपनी जिंदगी की दास्तां कहते-कहते बुधवार रात को इस जहां को अलविदा कह गए। लेकिन उनके धूसर उजले चित्र हमेशा आवाम को अपने पास बुलाते रहेंगे। 


वे अपनी सूफियाना, अल्हड़ और औलिया मिजाज के लिए मशहूर रहे। हुसैन की कूची बेफ्रिकी से रंग रेखाओं को सिरजने में मशगूल रही। मप्र खासकर भोपाल की कला बिरादरी में हुसैन के असामयिक निधन से गहरा शोक व्याप्त है। उनसे जुड़ी बहुत सारी यादें उनके चाहने वालों के जेहन में कौंध रही है।

09 जून 2011


प्रधानमंत्री की संपत्ति: मनमोहन सिंह के पास 3 करोड़ की एफडी, 2 करोड़ का मकान

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास २.७ करोड़ रुपए के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में फिक्स डिपोजिट हैं।  इसके अलावा उनके पास करीब ९० लाख का चंडीगढ़ में मकान और दिल्ली के बसंतकुंज में ८८ लाख का फ्लैट है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हाल ही में सभी कैबिनेट सहयोगियों को अपनी संपत्ति का विवरण अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, केवल दो मंत्रियों ने अपने बिजनेस के बारे में सार्वजनिक रूप से खुलासा किया है। यह विवरण २००९-१० का है।
 
कमलनाथ के ब्योरे के अनुसार उनकी, या उनके परिवार की २३ कंपनियों में हिस्सेदारी है। इसी तरह मुरली देवड़ा ने कहा कि उनकी पत्नी की दो कंपनियों में बड़ी भागीदारी है।

अन्य मंत्रियों की जानकारी इस प्रकार है।

पी चिदंबरम – करीब १.०४ करोड़ की संपत्ति है, जिसमें तीन कंपनियों के शेयर भी शामिल हैं। इसके अलावा करीब ३५ लाख की दूसरी संपत्ति, दो कार आदि के साथ वे एक साइकिल भी रखते हैं।

एके एंटोनी- एक लाख से भी कम की सेविंग है। एक मकान और एक प्लॉट, १५-१५ लाख कीमत के पत्नी के नाम हैं। सैकेंड हैंड वैगन आर कार है, और इसके लिए भी उन्होंने १.३६ लाख का लोन लिया है।

प्रणव मुखर्जी – कुल १.१ करोड़ की संपत्ति, जिसमें दो फ्लैट और एक जमीन का टुकड़ा शामिल है।
एसएम कृष्णा – २.३४ करोड़ की अचल संपत्ति और ४.८१ लाख की चल संपत्ति है। करीब ३ लाख का निवेश है औऱ १२ लाख की सेविंग है। पत्नी की कुल संपत्ति २१ लाख की है।
कमलनाथ – करीब २३ कंपनियों में निवेश है। इनमें स्पॉन मोटल्स प्राइवेट लिमिटेड, स्पॉन एयर प्राइवेट लिमिटेड. स्पॉन एग्रो प्रोपर्टीज, स्पॉन प्लांटेशन, स्पॉन बीच रिसोर्ट्स और ईएमसी अलॉय शामिल हैं। दिल्ली के पास सुल्तानपुर में २.६७ करोड़ की जमीन है और करीब १.४१ करोड़ का बैंक बैलेंस है। पत्नी के पाल २.३ करोड़ की संपत्ति है. दो बेटों और एक बहु के २० से ज्यादा कंपनियों में शेयर हैं। 

शरद पवार – पवार के पास केवल ७ करोड़ की चल संपत्ति है, जिसमें पत्नी की संपत्ति भी शामिल है। अतल संपत्ति ३.६ करोड़ रुपए की है और करीब ४६.५ लाख रुपए बैंक में जमा हैं। पत्नी के नाम १.०५ करोड़ रुपए जमा हैं।

मुरली देवड़ा – ६२ लाख का मकान है। एक प्लाट की कीमत ९३ लाख है। इसके अलावा देवड़ा ब्रदर्स में हिस्सेदारी है। चल संपत्ति ४.६४ करोड़ रुपए की है. पत्नी की ला मेंशन कंपनी है और ९.०१ करोड़ की संपत्ति है। इसके अलावा पत्नी की एक्यूमैन प्रापर्टीज और स्टेवैल प्रापर्टीज में भी हिस्सेदारी है। 


दयानिधि मारन – करीब ४६ लाख की सेविंग और १ करोड़ का डिपोजिट है। आरआईएल, रिलायंस कम्युनिकेशन, आरएलआरएल आदि कंपनियों में शेयर हैं। पत्नी के पास ५२.१५ लाख रुपए के जेवर हैं। उनके भी पांच कंपनियों में शेयर हैं। 

सलमान खुर्शीद – करीब २.३५ करोड़ रुपयों के पांच प्लाट, खुद और परिवार के सदस्यों के नाम हैं। ५० लाख कीमत का दिल्ली में एक फ्लैट है। पत्नी के पास गोवा में ८.२५ लाख रुपए कीमत के दो फ्लैट। परिवार के नाम नगदी करीब २.२५ लाख रुपए है।

कपिल सिब्बल – सिब्बल के पास १६.२५ करोड़ रुपए की अचल संपत्ति और ६५ लाख रुपए बैंक में जमा हैं। शेयरों में ४० लाख निवेश हैं। पत्नी के पास करीब २० लाख के जेवर हैं। दूसरी संपत्ति मिलाकर, ४.७५ करोड़ रुपयों की संपत्ति है। परिवार में पांच कारें हैं।

आपका मत

क्या माना जाए मंत्रियों द्वारा दिया गया संपत्ति का ब्योरा विश्वसनीय है? क्या केवल दो ही मंत्री विभिन्न बिजनेस कर रहे हैं? इन सभी मुद्दों पर आप भी दे सकते हैं अपनी राय। लेकिन किसी भी आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए पाठक स्वयं जिम्मेदार होंगे।    

अध्यापिका ने शराब पिला स्टूडेंट के साथ किया सेक्स

फ्लोरिडा। एक अध्यापिका ने ऎसी शर्मनाक हरकत की है जिसने गुरू-शिष्य के रिश्ते को कलंकित कर दिया। टेक्सस में एक अध्यापिका ने अपने 18 वर्षिय के छात्र को पहले शराब पिलाई उसके बाद उसके साथ सेक्स किया। क्रिस्टीना मैककेन नाम की 39 वर्षिय अध्यापिका ने अपने एक स्टूडेंट को पहले शराब पिलाई।उसके बाद वह उसे अपने कमरे में ले गई और उसके साथ सेक्स किया। अध्यापिका लेक ट्रेविस हाई स्कूल में पढाती है। स्कूल प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

hindi joaks

एक आदमी रात को एक गली के सामने ख़डा था।
""कौन हो ? "" वहां से गुजरते हुए चौकीदार ने क़डकककर पूछा।
""शेर सिंह।"" ""
बाप का नाम ? "" ""
शमशेर सिंह।"" ""
कहां रहते हो ?
"" ""शेरों वाली गली में।""
""यहां क्यों ख़डे हो ? ""
""कैसे जाऊं कुत्ता भौंक रहा है।""
एक बच्चाा तालाब में डूब रहा था। सभी देख रहे थे। किसी में हिम्मत न थी कि बच्चो को बचा लाए। तभी एक साहब ने छलांग लगा दी और बच्चो को बचा लिया। दर्शकों में से एक बोला - ब़डी हिम्मत की आपने ।
वह व्यक्ति बोला - हिम्मत की ऎसी-तैसी, पहले यह बताओ, मुझे धक्का किसने दिया था ?
बस में सफर कर रही एक ल़डकी ने एक हाथ में किताबें पक़ड रखी थीं तथा दूसरे हाथ में बस का डंडा था।
कण्डक्टर- टिकट ले लो।
लडकी-देखते नहीं, मेरे हाथ खाली नहीं है।
कण्डक्टर- एक चीज मुझे दे दो।
ल़डकी - तो पक़ड लो बस का डंडा।
नाना ने कुछ ब़डे हो गए नाती को गुर की बात समझाते हुए कहा- ""बेटा अब कोई काम धन्धा जमा लो, बेकार फिरना अच्छी बात नहीं। जब मैं तुम्हारी उम्र का था तो मैंने दुकान में 50 रूपये की नौकरी की थी। फिर छ: साल बाद उतनी ही ब़डी दुकान बना ली थी।""
नाती से रहा न गया । बोल प़डा- ""नाना जी, अब वे जमाने लद गए। अब वैसी तिक़डम नहीं चलती। हर जगह कायदे के अनुसार हिसाब-किताब रखा जाता है।""
एक घबराया हुआ-सा नाटा आदमी छोटे शहर के एक सब्जी फरोश के पास गया और बोला- ""मुझे आप अपनी सारी स़डी-गली सब्जियां तथा बासी अण्डे दे दीजिए।""
दुकानदार की आंखों में चमक आ गई। बोला-""शायद आज आप थियेटर में नए जोकर का तमाशा देखने जा रहे हैं ? ""
खरीददार बोला-""इतना ऊंचे मत बोलो! दरअसल नया जोकर मैं ही हूं।""
दत्ता जी को बहुत से लोग भत्ता जी भी कहा करते थे। शायद इसलिये कि दौरे पर बहुत रहते थे और दौरे पर रहने में उन्हें भत्ता काफी मिल जाता था। मई के पहले हफ्ते की बात है कि उन्हें दो दिन बाद ही टूर पर जाना था। उनका बेटा पप्पी उनके कमरे में आया तो न जाने क्या सोचकर वे उसे पीटने लगे। बच्चो को पिटता देखकर प़डौस के एक मित्र उनके पास आए और बच्चो को पीटने का कारण पूछा तो दत्ता जी ने बताया-"" दरअसल मैं दो दिन बाद टूर पर जा रहा हूं और टूर की अवधि में ही इस नालायक का रिजल्ट निकल आएगा।""
पहला-""बन्धु... उस दिन अपना सामना जीते-जागते शेर से हो गया और मेरे पास कोई हथियार भी न था।
"" दूसरा-""ओह! फिर तुमने क्या किया ? ""
पहला-"" मैं कर ही क्या सकता था ? पहले तो मैंने उसकी आंख की पुतलियों को देखा मगर वह मुझे देखकर गुर्राता रहा, फिर मैंने गर्दन मरो़ड डालने की घमकी दी, मगर फिर मुझे पता लगा कि अगर मैंने उसकी गर्दन पक़ड भी ली तो मेरा खतरा टलेगा नहीं, और बढ़ जायेगा। लेकिन वह मुझे घूरता रहा...घूरता रहा...।"" ""फिर तुमने उससे छुटकारा किस प्रकार पाया ? "" ""मैंने उसकी तरफ से मुंह फेर लिया और दूसरे पिंजरों की तरफ बढ़ गया।""
पति द्वारा पत्नी को चांटा मारने पर पत्नी अपने पिता के पास शिकायत लेकर पहुंची।
पिता ने पूछा-""तुम्हारे पति ने चांटा कहां मारा ? "" ""
दायीं ओर।"" बेटी ने कहा। पिता ने उसके बायें गाल पर त़ड से तमाचा ज़डते हुए कहा-""जाओ, अपने पति से कहना कि उसने मेरी बेटी को मारा मैंने उसकी पत्नी को मारकर बदला ले लिया
।""
एक बच्चा रात को देर से घर गया। मां ने पूछा-""कहां थे अब तकक्"" ""जी मैं फिल्म देखने गया था, मां का प्यार।""
मां ने कहा-""जाओ ऊपर बाप का गुस्सा भी देखो।""
नई दुल्हन के हाथ का खाना पति ने पहली बार खाया। मिर्चे अधिक तेज थीं फिर भी वह बात बिग़ाडना नहीं चाहता था।
पति- ""खाना बहुत अच्छा बनाया है।""
पत्नी-"" लेकिन आप रो क्यों रहे हैं ? ""
पति-""खुशी के कारण।""
पत्नी-""और दूं ? ""
पति-""नहीं, मैं ज्यादा खुशी बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगा।""
मकान मालिक-""तुम अगले महीने, दो महीने का किराया इकटाठा कैसे चुकाओगे ? ""
किराएदार-"" तब तक मैं घर के दरवाजे और खि़डकियों के ग्राहक ढूंढ लूंगा।""
गृहणी ने कहा- ""रामू,आज तुमने बहुत कीमती फूलदान तो़ड दिया। आज के बाद ऎसी गलती की तो मार मार कर सिर गंजा कर दूंगी। समझे ?
"" ""जी समझ गया।""
""क्या समझे ? "" ""
यही कि मालिक भी किसी ऎसी ही गलती का अंजाम भुगत रहे हैं।""

छत्तीसगढ़: माओवादी हमले में पांच जवान शहीद


रायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील जिले नारायणपुर में माओवादी छापामारों ने गुरूवार सुबह राज्य सशस्त्र पुलिस के एक कैंप पर हमला कर पांच जवानों को मार डाला। राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजे) रामनिवास के मुताबिक ये जवान झाराघाटी में हाल ही में स्थापित किए गए कैंप में तैनात थे। हमले के समय ये जवान कैंप के पास ही मौजूद थे।
पुलिस का कहना है कि माओवादी छापामारों ने गुरूवार सुबह करीब सात बजे अचाकन हमला कर दिया और जवानों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। इसमें जार जवानों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि एक घायल जवान की अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। हमलावर माओवादियों की संख्या कितनी थी अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि घटना में 150 से ज्यादा छापामार शामिल हो सकते हैं। हत्या के बाद माओवादी जवानों के हथियार भी लूट ले गए। माओवादियों की दृष्टि से झाराघाटी नारायणपुर जिले का सबसे संवेदनशील इलाका माना जाता है। राज्य सशस्त्र पुलिस बल का यह कैंप उस स़डक पर स्थित है जो नारायणपुर जिला मुख्यालय को अभझमाड से जो़डती है। पिछले साल इसी स़डक के किनारे माओवादियों ने घात लगाकर यहां से कुछ ही दूर पर धो़डाई में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 26 जवानों को मार दिया था। इस घटना के बाद झाराघाटी में अलग कैंप खोला गया था ताकि माओवादियों के हमले के मद्देनजर जवाबी कार्रवाई करने में आसानी रहे। अब इस इलाके में लगभग 750 वर्ग किलोमीटरका इलाका सेना के प्रशिक्षण केंद्र के लिए सरकार ने अधिग्रहीत करना शुरू कर दिया है। माओवादी सेना के इस प्रशिक्षण केंद्र का विरोध कर रहे हैं।

हुसैन ने फिल्मों के होर्डिग बनाए थे शुरूआत में

मुंबई। मशहूर चित्रकार मकबूल फिदा हुसैन का निधन हो गया है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार हुसैन पिछले कुछ समय से बीमार थे। 17 सितम्बर 1915 को पन्ढरपुर में जन्मे मकबूल फिदा हुसैन की स्कूल की पढ़ाई इन्दौर में हुई और 1935 में मुंबई जाकर उन्होंने सर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला ले लिया। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत सिनेमा के होर्डिग पेन्ट करने से की और 1940 के दशक के अंत तक उनकी गिनती नामी चित्रकारों में होने लगी। एमएफ हुसैन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि "1934 से पेंटिंग को अपना पेश बनाया, 1934 से सीरियसली, क्या वजह है मैं खुद नहीं जान सकता। मैंने उस वक्त अपने कप़डे सिलवाये थे। जिस तरह से सारे शिकारी की ड्रेस में बुलेट्स और ये-वो सारी चीजें रखने के अलग-अलग पॉकेट बनते थे तो मैं भी उस वक्त जेब में पैंसिल और वाटर कलर, वाटर कलर के साथ पानी चाहिए तो एक छोटी सी पॉकेट मे मैं पानी रखता था।"

1952 में ज्यूरिख में अपने चित्रों की पहली एकल प्रदर्शनी से वे यूरोप और अमरीका में भी लोकप्रिय हो गये। नीलामी में उनके चित्र लाखों डॉलर में बिकने लगे। 1966 में भारत सरकार ने हुसैन को पkश्री से अलंकृत किया।
1967 में मकबूल फिदा हुसैन ने अपनी पहली फिल्म बनाई - थ्रू द आइज ऑफ ए पेन्टर। बर्लिन फिल्मोत्सव में इस फिल्म को गोल्डन बीयर सम्मान मिला। उन्होंने गजगामिनी और मीनाक्षी-ए टेल ऑफ थ्री सिटीज नाम से दो हिन्दी फिल्में भी बनाई।
कई दफा हुसैन साहब को कई चीजों पर नाराजगी हुई। और उन्होंने जाहिर की। उस नाराजगी को दूर करने के प्रयास सरकार की तरफ से भी हुए और बहुत से एनजीओ ग्रुप की तरफ से भी किये गये। जहां तक उनकी नागरिकता की बात है तो उन्होंने बदलाव किया। एक इन्टरव्यू में उन्होंने कारण दिये थे अपनी सिटीजनशिप को बदलने के लेकिन उन्होंने मुल्क के तौर पर भारत से मोहब्बत करना बंद नहीं किया।

08 जून 2011

टूटेगा एक दिन यह माटी का भगोना

हँसना है रोना है
जिन्दगी एक खिलौना है
टूटेगा यह एक दिन
माटी का यह भगोना है
कितने प्यार से बनाया
कुम्हार ने इसे
मगर है तो खिलौना है
रंग भरे चाहत के इसमें
खुब इसे पकाया
वक़्त से पहले टूटे ना
खुद टूट इसे बचाया
काहें का अभिमान
क्या अपना यहाँ समान
फिर साथ क्या ढोना है
टूटेगा यह एक दिन
जिन्दगी एक खिलौना है
भर भाव ठंडक के
शीतल बन भुझा प्यास
मुसाफिर है भगोना है
टूटना मुझे भी एक दिन
''पवन'' भी तो खिलौना है
                                              ------पवन अरोड़ा------

पतंजलि योगपीठ फेज १ और फेज २ को सील

अभी अभी यह सूचना मिली है कि
पतंजलि योगपीठ फेज १ और फेज २ को सील कर दिया गया है। न तो किसी को अंदर
आने दिया जा रहा है और ना ही बाहर आने दिया जा रहा है। मीडिया को इस विषय
में जानकारी नही है। तेजी से इस खबर को फैलाएं।



इस अजनबी सी दुनिया में, अकेला इक ख्वाब हूँ.
सवालों से खफ़ा, चोट सा जवाब हूँ.
जो ना समझ सके, उनके लिये “कौन”.
जो समझ चुके, उनके लिये किताब हूँ.
दुनिया कि नज़रों में, जाने क्युं चुभा सा.
सबसे नशीला और बदनाम शराब हूँ.
सर उठा के देखो, वो देख रहा है तुमको.
जिसको न देखा उसने, वो चमकता आफ़ताब हूँ.
आँखों से देखोगे, तो खुश मुझे पाओगे.
दिल से पूछोगे, तो दर्द का सैलाब हूँ

हरिवंशराय बच्‍चन की एक कविता



07 जून 2011

frontier

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wheel of time





रामदेव यादव को लाल सलाम-रणधीर सिंह सुमन

सरकारी योग के बाद नेता रामदेव यादव
भारतीय राजनीति में योगी, बाबा, औषधि निर्माता, और अब राजनेता रामदेव यादव का राजनीति के क्षेत्र में व्यापक स्वागत है लेकिन पुलिस ने अपनी लोकतान्त्रिक व्यवस्था का एक छोटा सा कारनामा दिखाया कि नेता जी आदमी से औरत की पोशाक में आ गए। इसलिए पुलिस ने नरमी दिखाई और अपने सम्पूर्ण टेलर नहीं दिखाया। अगर हमारे जिले के इस्पात राज्य मंत्री श्री बेनी प्रसाद वर्मा की दिल्ली में चली होती तो उनका चुतड योग (जो बाराबंकी जनपद में तो प्रसिद्द है ) उसका इस्तेमाल होता। राम नगर थाना जिला बाराबंकी में मंत्री जी के एक बडबोले विरोधी के ऊपर तत्कालीन थाना अध्यक्ष ने इसी योग का प्रयोग किया था। जब न्यायालय में उक्त नेता जी का चालान आया तो पेट के बल वो लेटाये हुए थे और जब माननीय मंत्री जी का चुनाव आया तो उसमें सबसे आगे आगे वही नेताजी उनका चुनाव प्रचार कर रहे थे। आप राजनीति में नए-नए आये हैं इसलिए राजनीति के योगों के बारे में जानकारी नहीं है। उत्तर प्रदेश में पुलिस पेट्रोल योग, करंट योग, पट्टा योग आये दिन करती रहती है और इसी कारण से प्रदेश में विपक्षी बडबोले नेता चाहे भाजपा के हों या लोकमंच के नेता अमर सिंह हों या क्षत्रिय शिरोमणि रघुराज प्रताप राजा भैया हों। सबको सरकारी योग से डर लगता है और ये सभी नेतागण निंदा करके अपना काम चला लेते हैं। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में प्रदेश सरकार ने आपके काफिले को रोककर वापस कर दिया। अगर आपने वहां हठ योग किया होता तो आपको उत्तर प्रदेश सरकार भट्ठा-परसोल योग का प्रशिक्षण दे देती। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने आपका पूरा समर्थन किया है और उन्होंने ने कहा है कि रामलीला मैदान में हुई कार्यवाई की उच्चतम न्यायालय जांच कराये क्योंकि अब केंद्र से न्याय की उम्मीद नहीं है। यह अमानवीय और निंदनीय है। अब मैं आपको उत्तर प्रदेश के सरकारी योग की एक झलक दिखा रहा हूँ।
लोकतंत्र का शमशानघाट है लखनऊ
धरना स्थल पर लाठीचार्ज
लाठीचार्ज से बेहोश कर्मचारी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में झुलेलाल पार्क में प्रदेश के सभी धरना अनशन प्रदर्शन कार्यों को इकठ्ठा होकर अपनी बात कहने के लिये स्थल नियत किया गया है। 23 मई से नवीन ओखला ओद्योगिक विकास प्राधिकरण के कर्मचारी अपनी नौकरी के नियमतिकरण लिये धरना दिए हुए थे। शुक्रवार की सुबह धरनाकारी धर्मपाल की मृत्यु हो गयी। एस.पी ट्रांस गोमती नितिन तिवारी के कुशल नेतृत्व में सी.ओ महानगर, सी.ओ गुड़म्बा सहित कई थानों के थाना प्रभारी अपने-अपने नेम प्लेट उतारकर धरना स्थल पर बैठे हुए कर्मचारियों पर पुलिस, पी.एस.सी के बल पर लाठी चार्ज कर दिया जिसमें आधा दर्जन कर्मचारियों की हालत गंबीर स्तिथि में पहुँच गयी। डेढ़ सौ महिलाओं को इन अधिकारियो के नेतृत्व में पुलिस पी.एस.सी ने जमकर पीटा। सारे कानून नियम धरे के धरे रह गए।
लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी की सरकार ने हमेशा समाज के हर तबके के ऊपर लाठी चार्ज किया है और किसी भी मामले में जिम्मेदार किसी भी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाई नहीं की गयी है। धरना स्थल पर धरनाकारी धर्मपाल की मौत के बाद पुलिस प्रशासन ने जिस तरह से धरनाकारी के ऊपर बुरी तरह से लाठीचार्ज किया है। उससे लगता है की उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ लोकतंत्र का शमशानघाट है और विपक्षी दलों की स्तिथि मुर्दों से भी बदतर है। जो न हिल सकते हैं न डुल सकते हैं अन्यथा सरकार की यह हिम्मत ही नहीं हो सकती थी कि वो हर सत्याग्रही के ऊपर लाठीचार्ज कर सके।
समाजवादी पार्टी के नेताजी को एस.एस.पी लखनऊ बूट योग सिखा रहे हैं
वहीँ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राज्य की सुनामी के तहत लखनऊ के डी.आई.जी डी.के.ठाकुर ने राज्य की सुनामी आनंद सिंह भदौरिया के ऊपर उतारी। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी डी.के. ठाकुर ने गिरफ्तारी के बाद आनंद सिंह भदौरिया को हजरतगंज में लाठियों से पीट कर सड़क पर लातों से रौंदा जिससे उत्तर प्रदेश सरकार तथा भारत सरकार के पुलिस अधिकारीयों का वास्तविक चेहरा जनता के सामने आया। कहने के लिये हम आप लोकतांत्रिक समाज का हिस्सा हैं लेकिन वास्तव में राज्य का असली स्वरूप जब सामने आता है तो वह बड़ा वीभत्स होता है। इन स्तिथियों के बाद भारत सरकार में दम है कि इस पुलिस अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाई कर सके। जनता के साथ पुलिस का व्यवहार यह होता है, वहीँ अभी कुछ दिन पहले राज्य के एक पुलिस अधिकारी मुख्यमंत्री का जूता साफ़ करते नजर आये थे। अगर बात मुख्यमंत्री की आ जाए तो महाबलशाली डी.आई.जी डी.के.ठाकुर उनकी चप्पलें साफ़ करते नजर आयेंगे। इन घ्रणित चेहरों का इलाज भारतीय लोकतंत्र में नहीं है ।
रही बात विदेशों से काला धन लाने की तो नेता जी मेरी एक सलाह है कि अगर आज की तारीख से देश में कला धन बनाने की प्रक्रिया रुक जाए तो भी देश काफी खुशहाल हो जायेगा। जब दो करोड़ रुपये की जमीन कोई खरीदता है तो नंबर एक रुपये में 60-70 लाख रुपये का भुगतान होता है बाकी भुगतान बेनामी होता है और इसी तरह हजारो हजार करोड़ रुपये ब्लैक मनी प्रतिदिन तैयार होती है मुख्य समस्या यह है। नेता जी आपने रामलीला मैदान 5000 लोगों को योग सिखाने के लिये लिया था। अनशन प्रदर्शन करने के लिये नहीं लिया था और वहां योग सिखने वाले लोगों को इस तरह की कार्यवाई की भी उम्मीद नहीं थी यदि किसी योग प्रशिक्षणार्थी की मृत्यु भी हो जाती तो उसकी भी जिम्मेदारी आपकी ही होती। आपके समर्थन में संघियों की मुखौटा पार्टी भाजपा पूरी तरीके से है। इसका अध्यक्ष बंगारू लक्षमण भी रहा है जिसका हाल आपने टेलीविजन पर देखा होगा। अगर आपके केंद्र में कांग्रेस की बजाये भाजपा की सरकार होती तो भाजपा आपको इससे बढ़िया नया योग सिखा चुकी होती। कांग्रेस भ्रष्टाचारियों का एक अड्डा है जिसमें शरद पवार जैसे मंत्रियों से लेकर दयानिधि मारन तक अब तक मंत्री हैं। प्रेस मीडिया प्रधानमंत्री के चेले चपाटे चाहे जो भ्रष्टाचार करें उनको ईमानदारी का प्रमाणपत्र जारी ही करेगी।हम, नेता जी आपके राजनीति में आने का स्वागत करते हैं लेकिन ये द्रष्टान्त आपके लिये लिखे हैं जिससे आप इन योगों का भी अभ्यास कर लें। जिससे भविष्य में आपको कोई कुंठा या निराशा न हो। राजनीति में सभी महायोगी होते हैं और आप अभी तक सिर्फ योगी हैं।

06 जून 2011

बाबा का धन कितना बड़ा मुद्दा ?

 योग गुरु बाबा रामदेव (जगदीश यादव) कभी हरिद्वार में साइकिलसे चलते थे, लेकिन आज उनके ट्रस्ट के पास अरबों की संपत्ति है। कभी साइकलपर चलते थे बाबा रामदेवबाबा रामदेव हरिद्वार में गुरु शंकर देव के शिष्य थे लेकिन गुरु शंकर देवका अब कुछ पता नहीं है। आज बाबा रामदेव के सबसे विश्वस्त साथी बालकिशनमहाराज हैं। बाबा के पीछे रहने वाले बालकिशन महाराज ने बाबा के आयुर्वेद का साम्राज्य खड़ा किया हैं। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबा हठयोगी ने हाल ही में बाबा रामदेव पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि एक दशकपहले रामदेव साइकिल पर चलते थे और उनके पास इतना पैसा भी नहीं रहता था किवे साइकिल का पंचर बनवा सकें। लेकिन आज वे हेलीकॉप्टर में चलते हैं।इसलिए हम उनकी संपत्ति की जांच की मांग करते हैं।करोड़ों की संपत्ति है बाबा रामदेव के पासबाबा रामदेव के आश्रमों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हरिद्वार से दसकिलोमीटर की दूरी पर मौजूद आश्रम के अलावा हरियाणा में अरावली कीपहाड़ियों के नजदीक और स्कॉटलैंड में रामदेव के आश्रम बन चुके हैं। उनकाट्रस्ट दुनियाभर में दवाइयां और 'स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाले' कईउत्पाद बेचता है। बाबा रामदेव ने कहा था कि वह आयुर्वेद और योग का दुनियाका सबसे बड़ा केंद्र बनाना चाहते हैं जहां इलाज, शोध और अध्यापन किया
जाए। बाबा रामदेव ने स्कॉटलैंड में बीस लाख पाउंड स्टर्लिंग में एक टापू खरीदा है। कुंब्रे द्वीप विदेशों में उनके मुख्य केंद्र के तौर पर कामकरेगा। इस द्वीप का अधिग्रहण भारतीय मूल के स्कॉटिश दंपती सैम और सुनीतापोद्दार ने सितंबर, 2009 में किया था। इस द्वीप का कामकाज रामदेव केपतंजलि योगपीठ (यूके) ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।बाबा ने 21वीं सदी में देश में योग को नई पहचान दिलाई और घर घर मेंलोकप्रिय बनाया।टीवी के विभिन्न चैनलों ने उनकी लोकप्रियता बढ़ाने मेंमहत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सत्ता के गलियारों में पैठ रखने वाले बड़े लोगउनके संपर्क में आए। इसी दौरान बाबा रामदेव ने योग के लिए पतंजलि योगपीठट्रस्ट बनाया तथा भारत स्वाभिमान के नाम से आंदोलन की शुरुआत की। इसके बाद से बाबा की लोकप्रियता और उनके ट्रस्ट की संपत्ति दिन दूनी रातचौगुनी बढ़ती ही जा रही है। 

समलैंगिकों के लिए तो खूब बोलीं मगर बाबा पर नहीं खुला सेलिना जेटली मुंह!

हाल ही में पर्यावरण के प्रति अपना प्रेम दिखाने के लिए सेलिना जेटली एक इवेंट पर पेड़ लगाती हुयी नजर आयीं मगर जब उनसे भ्रष्टाचार  के खिलाफ अनशन पर बैठे बाबा रामदेव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया|
सेलिना यूँ तो समाज से जुड़े हर मुद्दे पर अपनी राय देती हैं और खुद भी समाज सेवक हैं मगर बाबा रामदेव के अनशन पर उन्होंने अपना मुंह नहीं खोला|सेलिना पिछली बार तब सुर्ख़ियों में आई थीं जब उन्होंने समलैंगिकों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई थी मगर इस मुद्दे पर न जाने सेलिना को क्या हो गया है|इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं इस अनशन के बारे में कोई कमेंट नहीं देना चाही|पता नहीं उन्हें कौन सी वजह से वह इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त करने से बच रही हैं|लगता है इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते सेलिना इससे दूर रहने में ही अपनी भलाई समझ रही हैं|

शादी का झांसा देकर नाबालिग छात्रा से करता रहा दुष्कर्


कांकेर/रायपुर.कक्षा दसवीं की नाबालिग छात्रा को गांव के एक युवक ने शादी का प्रलोभन देकर लगातार शारीरिक शोषण किया। छात्रा का गर्भ ठहरने के बाद युवक ने शादी से इंकार कर दिया। युवक के हवस का शिकार बनी छात्रा ने युवक के खिलाफ थाना में बलात्कार का मामला दर्ज कराया।
ग्राम बारदेवरी की कक्षा 10 वीं की 16 वर्षीय छात्रा ने अपने शिकायत में कहा कि गांव का युवक गंगाराम पिता सुक्ला राम पोटाई ने उसे शादी का प्रलोभन दिया तथा उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने लगा। गंगाराम उसके साथ 27 अप्रैल 2010 से शारीरिक संबंध बना रहा है। चार माह पूर्व उसका गर्भ ठहर गया।
गंगाराम को शादी करने कहने पर उसने इंकार कर दिया तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। समय बीतने पर गर्भ ठहरने की बात छात्रा के परिजनों को भी पता चली। मामले को लेकर 1 जून को गांव में बैठक आयोजित की गई जिसमें गंगाराम, छात्रा, दोनों के परिजनों के अलावा गांव के प्रमुख लोग उपस्थित हुए। बैठक में गंगाराम ने ग्रामवासियों के सामने छात्रा के शादी करने में सहमती जताई।
इस दौरान छात्रा तथा गंगाराम के मध्य लिखित में समझौता भी हुआ जिसमें गंगाराम ने स्वीकार किया की वह विगत दो वर्ष से छात्रा के साथ शारीरिक संबंध बना रहा था। वह छात्रा के साथ शादी के लिए तैयार है तथा इकरार नामा से मुकरने पर खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
गंगाराम के इस इकरार नामा में गांव के दस से अधिक लोगों ने गवाह के तौर पर अपने हस्ताक्षर भी किए है। समझौता होने के बाद युवक गंगाराम ने अपने इकरार नामा से मुकरते हुए छात्रा से शादी करने से इंकार कर दिया। शादी से इंकार करने पर छात्रा ने युवक के खिलाफ थाना में शिकायत कराई। पुलिस अपराध पंजीबद्ध कर तलाश कर रही है।

लड़की के जन्‍मदिन पर पहुंचे 1500 बिन बुलाए मेहमान

जर्मनी की एक लडकी थेसा के लिए जन्‍मदिन का निमंत्रण देना उस समय मुसीबत बन गया जब उसके घर 1500 अपरिचित लोग पहुंच गए। लडकी के घरवालों ने इतनी भीड देखकर निजी गार्ड लगाए व पुलिस को फोन कर बुलाया। हैबर्ग में इस घटना में पुलिस ने 11 लोगों को हिरासत में लिया है।
दरअसल थेसा ने अपने जन्मदिन का निमंत्रण फेसबुक पर दिया था लेकिन वो उस निमंत्रण पर प्राइवेट लिखना भूल गई थी। इसके बाद लोगों ने उस निमंत्रण को देखा और 1500 से अधिक लोग पार्टी में पहुंच गए।
पुलिस के अनुसार फ्लिप-फ्लॉप पहनकर आई बहुत सी लडकियों के पांव टूटे हुए कांच के टुकडों लग गए जिससे उनके पैर जख्मी हो गए और दो जगहों पर आग भी लग गई। इसके बाद फायब्रिगेड भी वहां पहुंची। इसके बाद भी पार्टी शानदार रही।
थेसा पार्टी से बाहर आकर अपना जन्मदिन बिना किसी को बतांए दादा-दादी के साथ मनाया।

कांग्रेस महासचिव को प्रेस कांफ्रेंस में दिखाया जूता

बाबा रामदेव कांड के बाद लोगों में कांग्रेस के खिलाफ फैला गुस्सा सोमवार को तब दिखा जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी पर एक शख्स ने जूता तान दिया। उसे तुरंत पकड़ लिया गया। जनार्दन द्विवेदी इस प्रेस कांफ्रेंस को संबोधत कर रहे थे। बताया जा रहा है कि जूता दिखाने वाला पत्रकार का नाम सुनील कुमार है। वह राजस्थान के झुंझूनू का रहने वाला हैदिल्ली में जनार्दन द्विवेदी प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदेव के खिलाफ की गई पुलिसिया कार्रवाई पर कांग्रेस का पक्ष रख रहे थे। उसी दौरान एक युवक मंच पर उनके बिल्कुल पास आ गया। उनके ठीक बगल में आकर उसने अपने हाथ में जूता ले लिया और धमकाने की मुद्रा में उन पर तान दिया। इससे पहले कि वह उन पर जूता फेंकता या जूते से उन पर हमला करता  ,  उसे पकड़ लिया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। लेकिन  ,  दिल्ली पुलिस ने जल्द ही उसे हिरासत में लिया।
आरोपी सुनील कुमार के बारे में बताया जा रहा है कि यह खुद को नवसंचार पत्रिका से जुड़ा होने के दावा कर रहा है, जबकि इसके बारे में बताया जा रहा है कि यह अंग्रेजी का टीचर है। लेकिन इसे तीन स्कूलों से निकाला जा चुका है। सुनील स्वभाव से काफी गुस्सैल है।  फिलहाल सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

04 जून 2011

आंसू गैस के गोले दागे और लाठियां बरसाई

सरकार के साथ वार्ता टूटने के बाद पुलिस ने बाबा रामदेव का अनिश्चितकालीन अनशन खत्म करने के लिए आधी रात को रामलीला मैदान में कार्रवाई की और योगगुरु को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उनके समर्थकों पर आंसू गैस के गोले दागे और लाठियां बरसाई।सरकार और 46 वर्षीय योगगुरु ने बीती रात एक दूसरे पर आश्वासनों पर विश्वासघात का आरोप लगाया, जिसके बाद यह नाटकीय पुलिस कार्रवाई हुई। करीब एक बजे रात को यह ड्रामा तब शुरू हुआ जब बड़ी संख्या में पुलिस रामलीला मैदान में पहुंची जहां बाबा रामदेव विदेशों में छिपाकर रखे गए कालेधन को वापस लाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे। मध्य रात्रि से शुरू हुई कार्रवाई में पुलिस ने भोर होने से पहले बाबा के सभी समर्थकों से सत्याग्रह स्थल से बाहर कर दिया। हालांकि उनके समर्थकों ने इसका काफी प्रतिरोध किया।  दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने बताया कि बाबा रामदेव जब अनशन स्थल छोड़कर जा रहे थे तब उन्हें हिरासत में ले लिया गया। गुप्ता ने कहा कि कुछ सुरक्षा चिंताएं हैं और योगशिविर लगाने की अनुमति रद्द कर दी गई है। रामदेव के समर्थकों ने पथराव किया, जबकि पुलिस ने आंसूगैस के गोले छोड़ने के अलावा कोई बल प्रयोग नहीं किया। उधर, रामदेव के प्रमुख सहयोगी तिजरावाला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने योगगुरु का अपहरण कर लिया है। प्रवक्ता ने योगगुरु की जान को लेकर चिंता जताई। उन्होंने प्रधान न्यायाधीश से रामदेव की सुरक्षा एवं रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की।
पुलिस ने उनके योगशिविर के लिए अनुमति वापस ले ली और वहां निषेधाज्ञा लगा दी। दरअसल एक पुलिस अधिकारी का कहना था कि उनके विरोध प्रदर्शन को खत्म करने के लिए राजनीतिक निर्णय लिया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। बीती रात सरकार और रामदेव ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए थे। रामदेव को अनशन पर नहीं जाने के लिए मनाने के लिए उनसे वार्ता करने वाले केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने योगगुरु के करीब की ओर से लिखे गए उस पत्र को सार्वजनिक कर दिया जिसमें कहा गया है कि यदि सरकार कालेधन को वापस लाने और दोषियों के लिए कड़े कठोर दंड के कानून पर लिखित आश्वासन देती है तो वे शनिवार के शाम तक अनशन वापस ले लेंगे। रामदेव ने यह कहते हुए पलटवार किया कि सरकार ने उनके साथ धोखा और विश्वासघात किया है और उन्होंने जीवन में कभी भी सिब्बल से बातचीत नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री की ही बात मानेंगे। आरोप प्रत्यारोप के बाद सरकार ने शनिवार की रात को उनकी मांगों पर आश्वासन का एक ताजा पत्र भेजा और उनसे अनशन वापस लेने की अपील की।
आधी रात को टेलीविजन कैमरों के सामने हुए इस ड्रामा के दौरान रामदेव के समर्थकों को सोते से जगा दिया गया। उनके समर्थक पुलिस कार्रवाई के विरोध में उठ खड़े हुए। पुलिस के आंसू गैस के गोले दागने से कई वृद्ध महिलाएं बेहोश हो गईं। उनके 30 घायल समर्थक समीप के एक अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। कुछ समर्थकों ने बाबा रामदेव को अपने कंधों पर बैठा लिया। उन्हें वहां से हटाए जाने से और हिरासत में लिए जाने से पहले टेलीविजन पर उन्हें अंतिम बार देखा गया। इससे पहले रामदेव अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने अपील करते हुए देखे गए। जब आंसू गैस का एक गोला मंच पर गिरा तब मंच में भी मामूली आग लग गई। इस आग को तुरंत बुझा लिया गया।
 अपने समर्थकों को संबोधन में रामदेव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अपील की कि उन्हें दिन में गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि मुझे बिना किसी सूचना के रात में क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है। मैं लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। उन्होंने दिल्ली के लोगों से अनशन में बड़ी संख्या में आने की भी अपील की। समर्थकों ने पुलिसकर्मियों को मंच के करीब आने से रोकने के लिए बर्तन, ट्राइपॉड और माइक फेंके। पुलिस के आंसू गैस के गोले दागने के बाद भीड़ तितर-बितर हो गई। लोग मंच और आसपास के इलाके से जाते हुए देखे गए। समर्थकों ने दावा किया है कि बाबा को आचार्य बाल कृष्णन तथा भारत स्वाभिमान मंच के प्रमुख जयदीप आर्य के साथ गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव के बाद दूसरे स्थान पर आने वाले स्वामी संपूर्णानंद ने आंदोलन की कमान संभाल ली है और उन्होंने लोगों से जंतर-मंतर पर एकत्रित करने का आह्वान किया। पुलिस कार्रवाई के दौरान बैनर फाड़ दिए गए। गद्दे और फर्नीचर रामलीला मैदान में इधर-उधर बिखरे पड़े थे। रामलीला मैदान बाबा रामदेव ने योग शिविर के लिए 20 दिन के लिए बुक कराया था, लेकिन वह उनके सत्याग्रह आंदोलन का स्थल में बदल गया। आयोजक लोगों से पंडाल नहीं छोड़कर जाने तथा विरोध प्रदर्शन जारी रखने का आह्वान करते हुए नजर आए। रामदेव के आंदोलन से जुड़े कुछ उनके समर्थकों ने राज्य इकाईयों से पुलिस कार्रवाई के खिलाफ अगली सुबह को विरोध प्रदर्शन करने को कहा। रामलीला मैदान से बड़ी संख्या में लोग जाते हुए देखे गए। उनमें से कुछ पुलिसकर्मियों के साथ यह बहस करते हुए देखे गए कि जब उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तब उन्होंने ऐसी कार्रवाई क्यों की। बाद में सूत्रों ने बताया कि उन्हें दिल्ली से बाहर जाने दिया गया और उन्हें हेलीकॉप्टर के द्वारा हरिद्वार भेजा गया है। इससे पहले गृहसचिव जीके पिल्लै ने कहा था कि बाबा रामदेव को गिरफ्तार नहीं किया गया है और न ही उन्हें हिरासत में लिया गया है। मौके पर पहुंचे दिल्ली पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता ने भी यही बात दोहराई थी। पुलिस जब रैपिड ऐक्शन फोर्स के साथ अनशन स्थल पर पहुंची और रामदेव बाबा तक जाने लगी तब तक हंगामा और अफरातफरी का माहौल पैदा हो चुका था। योगगुरु वहां विशेष रूप से तैयार मंच पर सो रहे थे। जैसे ही यह खबर फैली की कि रामदेव को गिरफ्तार किया जा सकता है, महिलाओं समेत उनके समर्थकों ने पुलिस को उन तक पहुंचने से रोकने के लिए योगगुरु को चारों तरफ से घेर लिया।