जूता फेंकने की कई घटनाएं हुईं। एक पत्रकार ने तो भारत के गृहमंत्री पर
जूता फेंक कर मारा। यानि आपके द्वारा दिया गया जूता-कल्चर दुनिया फालो कर
रही है?
फेकेंगे, तो जूते की मार की चोट कम हो जायेगी। जब तक आप पर, आपके देश और
आपके समाज पर कोई बम-गोली न बरसाये, तब तक जूता न उठायें। जो जूते के लायक
है, उसे जूता दें और जो गुलदस्ते के काबिल है, उसका इस्तकबाल गुलदस्ते से
करें।
आपके चैनल के आधिकारियों और आपके हमपेशा साथियों (जहां आप नौकरी करते थे)
की प्रतिक्रिया क्या थी? क्या आप नौकरी से बाहर कर दिये गये?
जबाब- सब खुश थे। देश खुश था। इराक के हमदर्द खुश थे। जब तक मैं जेल में
रहा उतने महीने (.....करीब नौ महीने) की मेरी तनख्वाह मेरे घर भिजवाई गयी।
और जब जेल से बाहर आया, तो पता चला कि न्यूज चैनल ने मुझे और मेरे परिवार
को रहने के लिए एक फ्लैट का भी इंतज़ाम कर दिया था।
वीजा किसी अरब या यूरोपीय देश ने नहीं दिया, सिवाये भारत के? इसे क्या समझा
जाये? मुंतज़र अल ज़ैदी की मुखालफत या इन देशों पर अमेरिका का भय?
मामला है। लेकिन भारत ने मुझे वीजा देकर साबित कर दिया, कि उसे किसी का डर
नहीं है। मुझे लगता है कि वाकई आज भी दुनिया में भारत ही सबसे बड़ा
लोकतांत्रिक देश है।
बात चलाई थी। मैं गांधी जी को करीब से छूना, देखना, उनसे बात करना चाहता
था। मेरी साफ मंशा, इमरान भाई और महेश साहब (भारतीय फिल्म
निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट) की कोशिशें कामयाब रहीं। और अब मैं गांधी और
आपके सामने हूं।
और भारत की सर-ज़मीं पर जीया हर लम्हा, हिंदुस्तान की मेहमानवाजी अपने साथ
लेकर जा रहा हूं।
सवाल- भारत में गांधी जी की समाधि ही देखने की तमन्ना क्यों थी ?
कहने को दुनिया का अजूबा और प्यार का प्रतीक ताजमहल भी भारत में ही है।
जबाब- इराक ने कुर्बानियां दी हैं। गांधी ने कुर्बानी दी। वे आज़ादी के
नुमाईंदे और आइकॉन थे। उन्होंने अत्याचारों के खिलाफ जिस चिंगारी से आग
लगाई, वो देखिये (गांधी समाधी पर जल रही लौ की ओर इशारा करते हुए) आज भी जल
रही है। ताजमहल पर भी क्या ऐसी ही लौ जलती है?
सवाल- आप गांधी से प्रभावित दिखते हैं, ज़िंदगी में गांधी का सा कुछ किया भी है?
जबाब- जेल के भीतर ही तीन दिन तक अनशन पर बैठ गया था।
मिर्च-मसाले के। वो सच जिसे भोगा पूरे देश ने, लेकिन आने वाली पीढ़ियों के
पढ़ने को कागज पर इतिहास लिखा सिर्फ मैने (मुंतज़र अल ज़ैदी ने)।
दो-तीन दिन ही रह पा रहा हूं यहां (हिन्दुस्तान की सर जमीं पर) । इराक में
अमेरिका का अत्याचार है, और भारत में अपना लोकतंत्र। आप खुद अंदाजा लगा
लीजिए दोनो देशों में । कौन पॉवरफुल है?
(regard to vijay sharma)














